चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी

हेलो दोस्तो नमस्कार आप सभी का स्वागत है, हमारे ब्लॉग पर दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं, चंद्रशेखर आजाद रावण के बारे में तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं।

Chandrashekhar Azad Ravan का परिचय

दोस्तों चंद्रशेखर आजाद का जन्म उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में 3 दिसंबर 1986 को हुआ, इनके पिता का नाम गोवर्धन दास है जोकि एक सरकारी विद्यालय में प्रिंसिपल थे, वह अब रिटायर हो चुके हैं, दोस्तों उनके नाम के पीछे रावण लगे होने की एक वजह है, दोस्तों वजह यह है कि Chandrashekhar Azad Ravan का यह कहना है कि रावण एक बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति था, और उसने अपनी बहन के स्वाभिमान की रक्षा के लिए युद्ध छेड़ दिया था, और उसने अपनी बहन के लिए अपने प्राण भी त्याग दिए तथा अपने प्राणों के साथ साथ लंका का सर्वनाश हुआ, परंतु फिर भी रावण ने अपनी बहन के लिए लंका का सर्वनाश होने दिया, रावण को  भलीभांति  ज्ञात था  कि वह इस युद्ध में मारा जाएगा, परंतु फिर भी  अपनी बहन की इज्जत के लिए वह यह युद्ध लड़ा तथा अंतिम प्राण तक युद्ध लड़ता रहा, और चंद्रशेखर का मानना यह है, कि उनकी सोच भी रावण के जैसी ही हैं इसीलिए उनके नाम के पीछे वह रावण लगाते हैं।

चंद्रशेखर आजाद ने 2014 में भीम आर्मी का गठन किया था इसका मतलब यह है, कि ‘भारत एकता मिशन’ चंद्रशेखर आजाद ऐसे लोगों को उनका अधिकार दिलाना चाहते हैं, जिन लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा या फिर जो लोग अपना अधिकार नहीं ले पाते, उन लोगों को Chandrashekhar Azad Ravan उनका अधिकार दिलाते हैं।

चंद्रशेखर आजाद कहीं पर भी जाते हैं, तो इनके पास संविधान की एक कॉपी होती है, इनका मानना यह है, कि जब हमारे देश में संविधान बनाया गया है, तो उसका इस्तेमाल भी होना चाहिए, हमारा देश संविधान के हिसाब से ही चलना चाहिए।

चंद्रशेखर आजाद के विचार बहुत ही अच्छे हैं, वह हमेशा  हर एक व्यक्ति का साथ देते हैं, चंद्रशेखर आजाद  कभी भी जातिवाद के बारे में नहीं सोचते, तथा लोगों में भेदभाव कभी भी नहीं करते, वह सभी लोगों को एक समान अधिकार दिलाना चाहते हैं।

आइए जानते हैं कि Chandrashekhar Azad Ravan  कब प्रचलित हुए

कई बार हिंसा की वजह से चंद्रशेखर आजाद पर प्रश्न उठ जाते हैं, जैसे कि 2017 में जहां पर चंद्रशेखर आजाद भाषण दे रहे थे, उसी बीच वहां पर हिंसा भड़क गई थी, जिसके अंतर्गत इन्होंने अपने गांव में कुछ पोस्टर लगाए गए थे, जिस पर जाति सूचक शब्द लिखे हुए थे, उसी के कारण हिंसा भड़क उठी थी, जो पोस्टर इन्होंने लगाया था, वह पोस्टर दूसरे हिंदुओं ने देखा और उन से बर्दाश्त नहीं हुआ, तो फिर इनके गांव में लड़ाई झगड़े शुरू हुए, इसके बाद पुलिस और Chandrashekhar Azad Ravan के बीच लड़ाई बढ़ने लगी।

इसी के चलते पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था, इसी तरह चंद्रशेखर आजाद धीरे-धीरे लोगों की नजरों में आने लगे और जहां कहीं पर भी कोई भ्रष्टाचार होता है, तो वह वहां पहुंच जाते हैं, Chandrashekhar Azad Ravan गरीब लोगों की बहुत ही मदद करते हैं, साल 2017 में सहारनपुर के एक गांव शब्बीरपुर में दलितों और सवर्णों के बीच एक हिंसक घटना हुई, इस हिंसा के दौरान एक संगठन उभर कर सामने आया जिसका नाम था, भीम आर्मी भीम आर्मी का पूरा नाम भारत एकता मिशन भीम आर्मी है।

इस हिंसा के बाद Chandrashekhar Azad Ravan ने एक पंचायत बिठाई परंतु इस महापंचायत के लिए पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को अनुमति नहीं दी, इस महापंचायत में लोग सैकड़ों की तादाद में वहां पर पहुंचे, इस दौरान पुलिस और भीम आर्मी के लोगों के बीच में लड़ाई हुई और इसके बाद चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया चंद्रशेखर आजाद पेशे से वकील है, परंतु 2011 में इन्होंने कुछ युवाओं के साथ मिलकर भीम आर्मी का संगठन किया था। आज के समय में भीम आर्मी सभी दलित व्यक्तियों का
एक पसंदीदा ग्रुप बन गया है, इस संगठन से लोग सोशल मीडिया के द्वारा भी जुड़े हुए हैं, सोशल मीडिया पर इस संगठन के साथ दलितों के साथ साथ सभी प्रकार के हिंदू जुड़े हुए हैं।

Chandrashekhar Azad Ravan द्वारा किए गए कार्य

आज के समय में 350 से भी अधिक स्कूल भीम आर्मी के द्वारा चलाए जा रहे हैं, और यह स्कूल पूरे उत्तर प्रदेश में है, जैसे कि शामली, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद जैसे सभी इलाकों में चंद्रशेखर आजाद B.R. Ambedkar को अपना गुरु मानते हैं, और इन्हीं के रास्तों पर चलते हैं,चंद्रशेखर आजाद रावण कई बार रैलियों में टीवी पर इंटरव्यू में भी कई बार दिखाई देते हैं, सन 2017 में चंद्रशेखर आजाद रावण दिल्ली में भीम आर्मी की रैली में भी आए थे, जहां पर 10000 से भी ज्यादा लोग इकट्ठे हो गए थे चंद्रशेखर आजाद भ्रष्टाचार को पूरी तरह मिटाना चाहते हैं, तथा Chandrashekhar Azad Ravan जातिवाद को पूरी तरह से मिटाना चाहते हैं।

यह जातिवाद को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते  जातिवाद की वजह से जितने भी दंगे होते हैं यह उन सब दंगों को  रोकने के लिए जी जान से मेहनत करते हैं, इसीलिए चंद्रशेखर आजाद ने 2019 में इलेक्शन लड़ने का सोचा और 15 मई 2020 को इन्होंने अपनी खुद की पार्टी की स्थापना की जिसका नाम है ‘आजाद समाज पार्टी’ हमें आशा है, कि चंद्रशेखर आजाद अपनी पार्टी के जरिए लोगों की समस्याओं का निपटारा करेंगे तथा जातिवाद को खत्म करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे, दोस्तों हमारे भारत के संविधान के अनुसार इस देश में सबको समानता का अधिकार है, Chandrashekhar Azad Ravan उसी समानता को कायम करना चाहते हैं।

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको चंद्रशेखर आजाद रावण के जीवन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी बताने की कोशिश की है l हम आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा बनाई गई पोस्ट बहुत अच्छी लगी होगी l अगर पोस्ट अच्छी लगी है तो पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर अवश्य कीजिएगा और अगर आप कुछ सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट सेक्शन में कमेंट जरूर कीजिएगा

 धन्यवाद

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